सत्यनिष्ठा समझौता एवं स्वतंत्र बाह्य निगरानीकर्ता (IEM)
सत्यनिष्ठा समझौता संभावित विक्रेता/बोलीदाता और क्रेता के बीच एक ऐसे समझौते की परिकल्पना करता है, जिसके अंतर्गत दोनों पक्षों के व्यक्ति/अधिकारी अनुबंध के किसी भी पहलू पर किसी भी प्रकार के भ्रष्ट प्रभाव का प्रयोग न करने के लिए प्रतिबद्ध होते हैं। केवल वही विक्रेता/बोलीदाता, जिन्होंने क्रेता (पीपीए) के साथ ऐसा सत्यनिष्ठा समझौता किया है, पीपीए के साथ निविदा प्रक्रिया में भाग लेने के पात्र होंगे, जहाँ प्रत्येक अनुबंध का मूल्य ₹5 करोड़ से अधिक हो।
यह समझौता पीपीए के साथ किसी भी अनुबंध में प्रवेश करने के लिए एक प्रारंभिक योग्यता है। यह समझौता निविदा आमंत्रण के चरण से प्रभावी होता है और अनुबंध के पूर्ण निष्पादन तक वैध रहता है।
केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने सत्यनिष्ठा समझौते के कार्यान्वयन की निगरानी हेतु श्री प्रमोद श्रीपाद फालणिकर, आईपीएस (सेवानिवृत्त) को स्वतंत्र बाह्य निगरानीकर्ता (IEM) के रूप में नियुक्त किया है।